Saturday, 4 April 2026

जीवन संघर्ष

काँटें  तो आयेंगे पथ में, पर चाल न टेढ़ी करना, 

हो सके तो औरों के जीवन मे, इक फूल बिछा भी देना। 


संघर्ष न हो इस जीवन में, ऐसा मुमकिन तो ना होगा, 

संघर्षों के चलते भी, नीरसता का आभास न करना।  


तम का तिमिर भले गहरा हो, आस हमेशा बंधी ही होए, 

दुआ यही बस एक किरन तो सही वक़्त पे आये। 


मिलेगा जंगल और राज भी जंगल, फ़िर भी तुम घबराना ना, 

दुआ यही बस एक हो गुलशन जिसका तुम माली बन जाना। 


पतझड़ को कोई रोक सके ना, उसका भी स्वागत करना, 

है यही दुआ बस इतनी सी कि बसंत समय पर आये। 



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