Tuesday, 23 May 2017

बिरहिन






बिरहिन (चैती)

चइत मासे हम अइली गवनवां ..हो रामा

पिया चलि गइलैं विदेसवां |

.......पिया चलि गइलैं |


हँसी औ ठिठोली हमैं निक नाहीं लागै

टुकुर-टुकुर हम ताके ली पईंड़िया ..हो रामा

.......पिया चलि गइलैं |


मन मोर उदासिल, नज़र पथरा गइल,

जिया तो जलावे ला ई ठंडी बयरिया ....हो रामा

.......पिया चलि गइलैं |


सास-ससुर घर सेवा में भईलीं समर्पित,

भुलाइ गईलीं अपनी सुरतिया .....हो रामा

 .......पिया चलि गइलैं |


हाथ रखि  माथे जब मिलल आशिषवा,

ख़ुशी-ख़ुशी हम भूलि गईलीं नइहरवा ......हो रामा

.......पिया चलि गइलैं |

-राय साहब पांडेय


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