बिरहिन (चैती)
चइत मासे हम अइली गवनवां ..हो रामा
पिया चलि गइलैं विदेसवां |
.......पिया चलि गइलैं |
हँसी औ ठिठोली हमैं निक नाहीं लागै
टुकुर-टुकुर हम ताके ली पईंड़िया ..हो रामा
.......पिया चलि गइलैं |
मन मोर उदासिल, नज़र पथरा गइल,
जिया तो जलावे ला ई ठंडी बयरिया ....हो रामा
.......पिया चलि गइलैं |
सास-ससुर घर सेवा में भईलीं समर्पित,
भुलाइ गईलीं अपनी सुरतिया .....हो रामा
.......पिया चलि गइलैं |
हाथ रखि माथे जब मिलल आशिषवा,
ख़ुशी-ख़ुशी हम भूलि गईलीं नइहरवा ......हो रामा
.......पिया चलि गइलैं |
-राय साहब पांडेय

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