Saturday, 27 May 2017

एक श्रद्धांजलि





गुलाब देवी (22.05.2017)
हम सबकी फुआ भी माँ भी 
-1932-26.05.2017

श्रद्धांजलि
खुली आँख अब देख न पाएंगे
पर बंद आँख में सदा बसायेंगे,
वश में करती वह आँखें निश्छल ,
केश धवल, मन मंदिर निर्मल |

दिल का द्वार पटल खोल कर
हाथ शीश धर, चित्त खोलकर,
‘खुशी रहो’, देतीं आशीष प्रबल
  सब को करतीं हर्षित विह्वल |

श्वेत वस्त्र धर, द्वार बैठ कर
करुणामयी, ममता की मूरत,
सबके सुख में खुश रहने वाली,
महके सीरत और चमके सूरत| 

लेकर जिनके चरण धूलि को
करते रहते थे हम अभिवादन,
कोटि नमन, करते मिल हम  
शांति प्रदान करें परमात्मन् |


पाण्डेय एवं मिश्र परिवार की ओर से श्रद्धा सुमन

                                      -राय साहब पाण्डेय

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