हम सबकी फुआ भी माँ भी
-1932-26.05.2017
श्रद्धांजलि
खुली आँख अब देख न
पाएंगे
पर बंद आँख में सदा
बसायेंगे,
वश में करती वह आँखें
निश्छल ,
केश धवल, मन मंदिर निर्मल
|
दिल का द्वार पटल
खोल कर
हाथ शीश धर, चित्त
खोलकर,
‘खुशी रहो’, देतीं आशीष
प्रबल
सब को करतीं हर्षित विह्वल |
श्वेत वस्त्र धर, द्वार
बैठ कर
करुणामयी, ममता की
मूरत,
सबके सुख में खुश
रहने वाली,
महके सीरत और चमके सूरत|
लेकर जिनके चरण धूलि
को
करते रहते थे हम अभिवादन,
कोटि नमन, करते मिल हम
शांति प्रदान करें
परमात्मन् |
पाण्डेय एवं मिश्र
परिवार की ओर से श्रद्धा सुमन
-राय साहब पाण्डेय


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